| KHORTHA.IN | a web portal for Khortha language and literature

an effort of popular Khortha monthaly magazine "LUATHI"

खोरठा की लोकप्रिय मासिक पत्रिका "लुआठी" का विनम्र प्रयास

 

बर्ष-2, अंक-1, सितम्बर-2010 (मासिक), दाम 10/- टाका

 

आखरा बांधा

01 आखरा बांधा

छोटे मोटे ’माराफरी’ माझे ठिने आखरा गो
तहीं तरे सभे देवा खेले जुआ साइ
किया तोहें सुरूज देवा खेले जुआ साइ गो
तोहर गइया हो देवा, कास नदी पार
जाइ दे हो जाइ दे हो, कांस नदी पार हो
हवतइ संकट देवा, आनबइ घुराइ

(ई गीत गोटे खोरठा छेतरें पइरचल हे। माराफरी गाँव के जघ-ऽ आपन आपन गाँवेक नाम ले हथ जे रंग ’सांकुल’ ’चेटर ’ हेन-तेन )

02

आगु बंधना बांधु सुरूज देवा गो
तबे ओकर बांधना बांधु जावा डाली गो
पोखरीक भिंड़िया हीं जावा जगइलों गो
एगो के जाने कोना देवा अइता गो
एते जदि जान- तली सुरूज देवा अइता गो
एगो चरक पांठा राखतलि बइसाइ गो
तबे बांधना बांधु करम गोसांइ गो
एगो ओकर बंधना जावा डाली गो
एते जदि जान-तली करम गोसांइ अइता गो
एगो खीर- ओंकरी राख तली बइसाइ गो

03 जावा जगवा

जावा माय जावा, किया-किया जावा
सेहो रे जावा एक पांता सइ रे।
सुइया राजा राम-राम,हरि रामा भाइ रे
सराभरा दह के पनीया पीयाइब रे
सारा हाटें हटी गेलइ कजराली पनीया
गंगा बोही-बोही छेके मलीनीयाँ
गंगा हो गंगा मइया तोहरे नाम रे
दुहिया लइ भइया पाअरा पाइब रे
पहराहीं हथिं साठी मुनिस रे
साठी मुनिस के साइ बहू रानी
साइ बहू रानी- एक बहू कानी
कानी के देबइ, घइला भरी पानी
घइलवे से उइठ गेलइ गेहूमन साँप रे
छाड़ू-छाड़ू गहूमन हमरिया बाट रे
बाट छोड़िये बहिन किया फल पाइब रे
पयबे भाय रे करम गोसांइ रे।
दिहा करम गोसांइ दिहा आसिस रे
मोर भइया जियतइ लाख बरिस रे
देलियो गो करमइति देलियो आसिस गे
तोर भइया जियतो लाख बरिस गे।

04

कोना आमा हरियर, कोना आमा पियर
बलि ओगो, कोना आमा सिन्दुरे बरन ?

काँचा आमा हरियर,गादर आमा पियर
बलि ओगो पाकल आमा सिन्दुरे बरन।

सेहो आमा बिछे गेली कइना कुमारी
बलि ओगो, राजाक बेटाँइ,
राजाका बेटाँइ धरलइ आँचइर।

छाड़ु-छाड़ु राजाक बेटा, हामार आँचरवा,
बलि ओगो हामे लागों,
हामे लागों कइना कुमार।

तोंहें जे लागा कइना कुमारी,
बलि ओगा हामें लागों,
हामे लागों राज कुमार।

जबे तोहें लागे राज कुमार
बलि ओगो चली जिहा,
चलि जिहा बाबाक बखइर।

कइसे हामे चिन्हब जेठाक बखरीया
बलि ओगा कइसें चिन्हब बाबाक बाखइर ?

जेठाक बखरीं घुरइ-
हँसराजा घोड़वा,बलि ओगो
बाबाक बखरीं,बाबाक बखरीं-
घुरऽ हइ मेंजुर!

खाटाप-खुटुप दोड़इ
हँसराजा घोड़वा,
बलि ओगो, दन-दन
घुरऽ हइ मेंजुर !

05 झुमइर

केथिक डरें गे हाँथिन बोन समइलें ?
केथिक डरें गे हाँथिन कादाँइ लोटइलें ?

माछिक डरें गे हाँथिन बोन समइलें।
लुतिक डरें गे हाँथिन कादाँइ लोटइलें।

के तोरा गे हाँथिन घास काटतो ?
के तोरा गे हाँथिन पइन भरतो ?

राम-लखन गे हाँथिन घास काठतो ।
सीता सांवइर गे हाँथिन पइन भरतो ।

06

झिरी-झिरी नदिया सेंवाल बोहइ ना
हेरम, तहीं तो बंगालिन बेटी-
दाइल धोवइ ना।
घोड़े चढ़ल आवे राजाक बेटा ना
हेरम, घोड़वें उतइर राजाँइ दाइल मांगइ ना।
कइसें हामें देबइ धोवल दलिया ना
हेरम, बाबाक कुलेक नाम डुबाइ देबइ ना।

07 करमेक हुब

कर-मेकेर लह-लह! भइया लेगे आवे!
पर-लइ भादर मास,
लाग-लइ नइहरेक आस!
करा गो सासु, करा गो सासु!
करा सासु हामर बिदाइ!दिना चाइरेक,
सासु जाइ दे नइहरा गो!दिना चाइरेक!
तोहरो बिदाइ बहु हाम्हूँ ना जानो!
पूछी गो लिहा, पूछी लिहा आपन ससुर!
दिना चाइरेक,
ससुर जाइ दे नइहरा गो,दिना चाइरेक!
भोरल नदी-नाला, भोरल जोरिया गो
कइसें करि, बेटी जइबें नइहरा गो.....
आन-बइ सिमर पोहा, गाँथ-बइ फुही गो
फुही चघी,ससुर जइबइ नइहरा गो!
दिना चाइरेक!ससुर जाइ दे नइहरा गो!
दिना चाइरेक!

08

बांका रे बांका कुरथी,
भूंजे बइसल छोटकी ननद।
भूंजइते-भूंजइते ननद पोड़ी गेल
लाजे हूँ नाय जाय ससुर घार।
जाइते रे सिमर सिटिका
घुरइते फुलें भोभोकाल।
तोड़ी लिहा हो नन्देसूआ
ननदी के देबइ पहिराइ।
बांका रे बांका कुरथी...

09 जावाक बिदाइ गीत

आइझु तो करम गोसांइ
घारें दुवाइरें गो,घारें दुवाइरें
काइल तो रे करम गोसांइ, कास नदी पार।
जाय हो करम गोसांइ,
कास नदी पार हो, कास नदी पार
आवतइ भादर मास आनबो घुराइ-2

10 भायेक बड़ाई

के मोरा खायतइ पाकल पान गो -2
के मोरा खायतइ एँड़री के टूसा ?
भइया हामर खायतइ पाकल पान गो -2
सँइया हामर खायतइ एँड़री के टूसा।
के मोरा आवतइ इंद राजा संगें गो-2
के मोरा आवतइ चुरूप राजा संगें-?
भइया मोरा आवतइ इंद राजा संगें गो-2
सँइया मोरा आवतइ चुरूप राजा संगे।
के हामर आइन देतइ दूइयो हाथेक साँखा गो-2
के हामर आइन देतइ अइड़ि सइतिनी-?
भइया हामर आइन देतइ-
दूइयो हाथेक साँखा गो-2
सँइया हामर आइन देतइ अइड़ि सइतिनी।
हाँसी-हाँसी पिंधबइ दूइयो हाथेक साँखा गो-2
कांदी-कांदी पइरछबइ अइडि सइतिनी।़

11

दूरी देसे करलें बाबा जोर नारवा हो,
कबहूँ न अइलें लेनिहार!
आगु पठइबो बेटी नउवा बाभनवाँ गे
तबे पठइबो छोटो भाइ!
कहाँ हामे राखबइ नउवा बाभनवाँ गो
कहाँ राखब छोट भाइ?
गोहला हीं राखबें नउवा बाभनवाँ गे
भितरा महलें छोटो भाइ।
किया खियइबइ बाबा नउवा बाभनवाँ गो
किया खियइबइ छोटा भाइ ?
घीया मंूगा दलिया बेटी नउवा बाभनवाँ गे
दही दूध खियइहें छोटो भाइ।
कहाँ पइबइ बाबा घीया मंगा दलिया हो,
कहाँ पइबइ दही दूध ?
लादी पठइबो बेटी घीया मंूगा दलिया गे
खेदी पठइबो धेनु गाय।
किया दये बोधबइ नउवा बाभनवाँ गो
किया दये बोधबइ छोट भाय ?
चार-दाइल धोती दये नउवा बाभनवाँ गे
छोटकी ननदी छोटो भाइ।

12

ढर-ढर कांदे भाइ, सीता ठकुराइन रे!
बलि ओ..रे ! बाम रे भेला
बाम भेला बिधि हामर !

सुना-सुना करम राजा हामर बचनवाँ
बलि ओरे, मोर जे सइयाँ
मोर सइयाँ गेलक परदेस !

जदि सइयाँ आनि देभे, करम गोसइयाँ
आवत भादर मासें, करमे के दिनें
ढोल-ढाकें आन-बो, माँझ बारी गाड़-बो !
बलि ओरे, घीवेके बातीं
घीवेक बातीं लेबो जागाइ !

आन-बइ सहियाक डाकि, बइसब धेयान धरि
बलि ओरे, फुल रे दले !
फुल दलें करबो सुसाइर !

हामर बापें अर-जे जे,
सिखर साइल धनवाँ!
बलि ओ रे, से हो रे धानेक
से हो धानेक देबो भिंजल चार !


13

बाबा मोरे बीहा देलइ नदी के पार
बलि ओगो नदी नाला बोहइ बारऽमास
बाबा मोरे रहतलइ आना लेगा करतलइ
बलि ओगो पइतो परबे परेक अधिन
सास देहइ ओलना ननद देहइ ठोलना
बलि ओगो कहाँ जाये रहबइ डाँढ़ाइ
उँचा-उँचा मंदिरवा पूरबे दुवाइर
बलि ओगो हुवाँ जाये रहबइ डाँड़ाइ
माय मोरे मोसी जिये बहिन ससुराइर
बलि ओगो भोजी मोरा लेलइ लुलुवाइ
खाय जे देलइ माय अरवा के भात
बलि ओगो आरो देलइ पालवाक झोर

14 भोजीक साध

जेही रे देसे माय बोकली नाय चरे
सेही रे देसे देवरा गेलइ बनिजे हामर
जबे तोहें जिहा देवरा अनिजे-बनिज
आनी दिहा देवरा सिन्दुरा संदेस

वहीं रे देसे भोजी सिसिरे बहुते
भींजी जितो सिन्दुरा संदेस

हमरी हो देसे देवरा पवन-बसाते
सुखाइ लेबइ देवरा सिन्दुरा संदेस

15 झुमइर

केकर बोने फुले, अरून लाता,बेरून लाता-
झींगा करेलवा ना
हे राम, ककर बोने फुले डुमइर फुला ना ?

भइयाक बोने फुले अरून लाता,बेरून लाता-
झींगा करेलवा ना
हे राम, संइयाक बोने फुले डुमइर फुला ना।

एका मन करे फुलवा तोइड़ लेबइ ना,
हे राम, दोसर मन करे मालवा गांइथ लेबइ ना।

16 करमेक आस

भेजी दिहा हो भोजी लहर-लहर डलवा,
भेजी दिहा, रे करम छोट भइयवा, भेजी दिहा।
काहाँ पइभे हो नुनी लहर-लहर डलवा ,
काहाँ पइभा, रे करम छोट भइयवा काहाँ पइभा ?

हाटें पइभे हो भोजी लहर-लहर डलवा,
घारें पइभे हो करम छोट भइयवा
घारे पइभा।
भेजी दिहा हो भोजी लहर-लहर ओंकरी,
भेजी दिहा हो करम बोड़ भइयवा,
भेजी दिहा।

काहाँ पाइब हो नुनु लहर-लहर ओंकरी,
काहाँ पाइब हो करम बोड़ भइयवा, काहाँ पाइब ?

दोकाने पइभा हो भोजी
लहर-लहर ओंकरी
घारें पइभा रे करम बोड़ भइयवा,
घारे पइभा।
भेजी दिहा हो भोजी
आइर-पाइर साड़ीया
भेजी दिहा हो करम मंझला भइयवा,
भेजी दिहा।

काहाँ पइबइ हो नुनी आइर-
पाइर साड़ीया
काहाँ पइबइ रे करम मंझला भइयवा,
काहाँ पइबइ।
माड़वारी घारें हो भोजी
आइर-पाइर साड़ीया
घारें पइभा, रे करम मंझला भइयवा,
घारें पइभा।

17 बहिनेक आस

भइया रे बइसलें नगरियाँइ
दिहें भइया डलवा संदेस।

बहिन गे सभे रे सँलसता भेल
एगे बहिन डलवा महंगा भेल।

भइया रे हवे दे महंगीया,
तावो हामे पूजब करम गोसांइ।

बहिन गे जाये दे महलंदा देस
भेजी देबो डलवे संदेस ।।

18

बड़का दादाँइ कहइ, बहिन आने जाइब-2
बड़की भोजी, भोजी कहइ आन दिना चाइर।

नाहीं जे लेबो भोज, गाय महिसी हो-2
खाय लेबो बासी भात जीबो ससूर घार।

(एहे तरि मंझला दादा आर छोटका दादा जोइड़ गाइल जा हे)

19

बड़का हो भइया मति लेगे अइहा,
कहाँ पाइब पाकल पान हो, अरे हो....

मंइझला हो भइया मति लेगे अइहा
कहाँ पाइब बांधल खसिया, अरे हो....

छोटका हो भइया तोहीं चली अइहा,
कांदी-कांदी मांगभे बिदाइ हो, अरे हो..

दीदी के कइर दे बिदाइ हो, अरे हो....

20 झुमइर

कांचि हो बांस के डलवा बुनवली सिरि राम
सातो बहिन फुला लोरहे जाइब सिरि राम

एका फुला लोर-हली,दुवा फुला-लोरहली
आइए गेला ससुर लेनिहार सिरि राम।
ससुर संगे हामे नाहिं जाइब सिरि राम
चिलम चढ़इते दिन जाइत सिरि राम।

एकाक भादो इंजोरिआँइ खेलहो नी पइली
आइए गेलइ भेंसुर लेनिहार सिर राम।
भेंसुर लेनिहरवा के देहू ना घुराइ गे भइया
घुघवा टानइते दिन जाइत सिरि राम।

एका फुला लोर-हली दुवा फुला लोर-हली
आइए गेलइ देवर लेनिहार सिरि राम।
देवरा के संगे हामे नाहीं जाइब सिरि राम
गुलिया खेलइते दिन जाइत सिरि राम।

भदवा इंजोरिया खेलहू ना पइलि सिरि राम
आइए गेलइ पिया लेनिहार सिरि राम।
पिया लेनिहरवा के देहू ना बइसाइ गे
हाँसइते बइचकइते घरा जाइब सिरि राम।

21

गोम-ती केे धारीं, फुट-लइ काँसी गे!
नुनी गे तोर मना, तोर मना नइहर चलि गेल!
काँसी फुला फुली गेल, आसा मोर बाढ़ि गेल!

देखि-देखि आँखिया टाँटाइ!
रे भादर कुहकल आइ!

पर-लइ भादर मास, लागल नइहरेक आस!
कहि-कहि भइया के पाठाइ,
रे भादर कुहकल आइ!

काँसी फुला झरि गेल,आस मोर टुटी गेल!
कांदि-कांदि छोतिया धोवाइ,
रे भादर चलल सिराइ!

कहे तो जे रूटवा, कइसे के बांधब हिया!
कांदि-कांदि छतिया धोवाइ,
रे भादर चलल सिराइ!

22 करम - सोहराइ

केहु तो सेवे, चइत-बइसाख मास!
केहु सेवे आसार मासा रे!
केहु सेवे धनि परथम भादर मास
तबे धनि फिरबें नइहरा गे।

भाई तो सेवे चइत-बइसाख मास
भँइसिया सेवे आसार मास!
बहु-बेटी सेवथ परथम भादर मासा रे!
करमें जे घुरता नइहरा रे!

किया लागिन सेवइ, चइत-बइसाख मास
किया लागिन सेवइ, आसार मासा रे!
किया लागिन सेवइ, रे परथम भादर गो!
किया लागिन सेवइ कारतिक मासा रे!

रउदा लागिन सेवइ चइत-बइसाख मासा रे!
घँासा लागिन सेवइ आसार मासा रे!
करम लागिन सेवइ चढ़ती भादर मास,
सोह-राइ ले सेवइ, कारतिक मासा रे!

 

पुराने अंकों के लिए संपर्क करें : luathi.in@gmail.com

 

Check out the Promotions

संपादक
गिरिधारी गोस्वामी

 

सलाहकार मंडल
मो0 सिराजउद्दीन अंसारी ‘सिराज’
श्री जनार्दन गोस्वामी ‘व्यथित’
श्री पंचम महतो
श्री शंकर प्रसाद महतो
डा नागेश्वर महतो

 

संपादन परामर्श
अश्विनी कुमार ’पंकज’
शिवनाथ मानिक

 

विशेष प्रतिनिधि
श्याम सुन्दर केवट ‘रवि’
मणिलाल ‘मणि’
गीता वर्मा
अरविन्द कुमार(राँची)

 

कार्यालय प्रभारी
मीरा जोगी

 

संपादकीय संपर्क :
2बी/2-178,
बोकारो स्टील सिटी-827001
फोन नं॰-06542 222437,
09234222426,09430116617
बेबसाइट- www.luathi.in
e mail- luathi.in@gmail.com

 

प्रकाशक,मुद्रक, एवं स्वामी गिरिधारी गोस्वामी

क्वा. न. : 2-178, सेक्टर 2बी,

बोकारो स्टील सिटी, जिला-बोकारो, झारखंड से प्रकाशित

और जय माता दी प्रिंटर्स, ई 2, सेंटर मार्केट (लक्ष्मी मार्केट)

सेक्टर-4 बी.एस. सिटी-827004 से मुद्रित।

 

RNI No. : JHAKHO/2009/30302

 

- लुआठी’क परकासन बेबसायिक नखे। एकर सभे पद अवैतनिक हे, आर एकर परकासन मातरी भासा आर संस्कीरतिक परचार-परसार करे, खोरठा भासा-भासीक मुँहें राव दिये खातिर करल जा हे।

 

- सभे रकमेक कानुनी विवादेक निपटारा बोकारो कोटेक मइधें हवत।

 

आप सबसे एक अनुरोध

खोरठा डॉट इन 'लुआठी' पत्रिका का एक विनम्र प्रयास है। इस प्रयास को झारखंडी समुदायों, विशेषकर खोरठा भाषा-भाषी समुदाय के सक्रिय सहयोग और समर्थन की आवश्यकता है। खोरठा की एकमात्र नियमित पत्रिका ‘लुआठी’ महज पत्रिका नहीं है बल्कि यह झारखंड के खोरठा भाषा-साहित्य की प्रतिनिधि सांस्कृतिक पत्रिका है। आपसे आग्रह है, इस प्रयास को आगे बढ़ाइए। अपने विचारों, सुझावों ओर प्रतिक्रियाओं से हमें luathi@khortha.in पर जरूर अवगत कराइए।