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an effort of popular Khortha monthaly magazine "LUATHI"

खोरठा की लोकप्रिय मासिक पत्रिका "लुआठी" का विनम्र प्रयास

 

झारखण्ड लोक सेवा आयोग (जे0पी0एस0सी0) पाठ्यक्रम

SYLLABUS FOR MAIN EXAMINATION OF JPSC
(Sub. Code: 44 Khortha Language and Literature)

’नेट’ में खोरठा ऐच्छिक विषय के निर्धारित पाठ्यक्रम

खोरठा लोकगीतों की विशेषताएँ, भेद, उपभेद
श्रीनिवास पानुरी, महेश गोलवार की काव्य-साधना। शिवनाथ प्रमाणिक, शान्ति भारत, ए0 के0 झा की काव्यगत विशेषताएँ।

एम0 ए0 (जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा) खोरठा - पाठ्यक्रम

अभी जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग राँची विश्वविद्यालय के अंतर्गत मुख्य रूप से पाँच जनजातीय( मुण्डारी, संथाली, हो, खड़िया और कुड़ुख) तथा चार क्षेत्रीय भाषाएँ (नागपुरी, कुरमाली, खोरठा और पंचपरगतियाँ) भाषा-साहित्य का अध्ययन-अध्यापन और अनुसंधान होता है। भाषा विशेष में अधिकार और गति के आधार पर अध्येता इनमे किसी एक भाषा-साहित्य को अपने अध्ययन का केन्द्र बनाता है।

एम0 ए0 (जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा) खोरठा - तृतीय पत्र

तृतीय पत्र: भारतीय साहित्य (Indian Literature) पूर्णांक- 100, समय 3 घंटे
1 प्राचीन भारतीय साहित्य का सामान्य परिचय- वेद, उपनिषद्, पुराण, महाकाव्य, तमिल महाकाव्य, जैन साहित्य, बौद्ध साहित्य अनय साहित्य।

एम0 ए0 (जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा) खोरठा - षष्ठ वर्ष

षष्ठ वर्ष
(पंचम वर्ष की विश्वविद्यालय वार्षिक परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थी ही षष्ठ वर्ष मे अध्ययन करेंगे।)

Current Cover

अंकः 1, वर्षः 2, सितम्बर 2010

Latest issue of LUATHI

Issue: 1, Volume: 2, September 2010

 

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खोरठा झारखंडेक गोटे उत्तरी छोटा नागपूर, संथाल परगना छाड़ा राँची, पलामुक हिस्सा में पसरल हे आर ई हिंयाक मूलवासी-आदीवासीक संपर्क भासा हे। एकर पढ़ाई एखन नवम कलास सें एम0 ए0 तक भइ रहल हे। एकर सें पी0 एच-डी0 डी0लीट्0 भइ रहल हे। एकर लइ जे0आर0एफ0 कइर रहल हथ।

 

झारखंडी भाषाओं मे से खोरठा ऐसी भाषा है जो समुद्र (फरक्का के पास) और दामोदर नदी से संबंध रखती है। साथ ही यही ऐसी अकेली झारखंडी भाषा है जिसका भाषा क्षेत्र विदेश (बंगला देश) से संबद्ध है।

 

 

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