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an effort of popular Khortha monthaly magazine "LUATHI"

खोरठा की लोकप्रिय मासिक पत्रिका "लुआठी" का विनम्र प्रयास

 

प्रतिनिधि चाही !

लुआठी ’क परचार-परसार खातिर जिला आर छेतरिय स्तर के प्रतिनिधि आर एजेंट के दरकार हे।

पढ़वइया-लिखबइया से नेहोइर हे

पढ़वइया से नेहोइर हे जे ’लुआठी’ में छपल रचना उपर आपन मतामत लिख कें पठवा, ’एस0एम0एस0’ कइर पठवा.

विद्यार्थियों एवम् शोद्यार्थियों के लिए

बालीडीह खोरठा कमिटी खोरठा भाषा साहित्य-संस्कृति को समर्पित अग्रणी संगठन है जो खोरठा साहित्यकारों एवं कलाकारों की संस्था है।

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अंकः 1, वर्षः 2, सितम्बर 2010

Latest issue of LUATHI

Issue: 1, Volume: 2, September 2010

 

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खोरठा झारखंडेक गोटे उत्तरी छोटा नागपूर, संथाल परगना छाड़ा राँची, पलामुक हिस्सा में पसरल हे आर ई हिंयाक मूलवासी-आदीवासीक संपर्क भासा हे। एकर पढ़ाई एखन नवम कलास सें एम0 ए0 तक भइ रहल हे। एकर सें पी0 एच-डी0 डी0लीट्0 भइ रहल हे। एकर लइ जे0आर0एफ0 कइर रहल हथ।

 

झारखंडी भाषाओं मे से खोरठा ऐसी भाषा है जो समुद्र (फरक्का के पास) और दामोदर नदी से संबंध रखती है। साथ ही यही ऐसी अकेली झारखंडी भाषा है जिसका भाषा क्षेत्र विदेश (बंगला देश) से संबद्ध है।

 

 

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खोरठा डॉट इन 'लुआठी' पत्रिका का एक विनम्र प्रयास है। इस प्रयास को झारखंडी समुदायों, विशेषकर खोरठा भाषा-भाषी समुदाय के सक्रिय सहयोग और समर्थन की आवश्यकता है। खोरठा की एकमात्र नियमित पत्रिका ‘लुआठी’ महज पत्रिका नहीं है बल्कि यह झारखंड के खोरठा भाषा-साहित्य की प्रतिनिधि सांस्कृतिक पत्रिका है। आपसे आग्रह है, इस प्रयास को आगे बढ़ाइए। अपने विचारों, सुझावों ओर प्रतिक्रियाओं से हमें luathi@khortha.in पर जरूर अवगत कराइए।